Sat. Jun 22nd, 2024

The Miracle Morning

जब जिंदगी आपको बेहद मुश्किल हालातो से गुज़रती लगे और कोई भी उम्मीद नज़र ना आये तो एक बात याद रखे। आप से भी बुरे दौर से गुज़रने वाले बाकी और भी है जो बद से बदतर हालातो में जी रहे है। मगर इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है कि आप निराश होकर जिंदगी से हार मान ले। उठे और कमर कस कर इन मुश्किलों का सामना करने को तैयार हो जाए। हैल एलरोड इस बात का जीता जागता उदाहरण है। उन्होंने साबित कर दिखाया कि इंसान अगर चाहे तो बुरे से बुरे वक्त में भी अपनी लगन और मेहनत से उम्मीद का एक चिराग जला सकता है। उन्होंने अपनी निजी जिंदगी में ना जाने कितनी ही मुश्किलों का सामना किया है। वे अभी छोटे लड़के ही थे

जब एक दिन उनकी छोटी बहन को गोद में लिए हुए माँ बुरी तरह चिल्लाते हुए रो रही थी। उन्हें मालूम था कि उनकी बहन जो एक खतरनाक बिमारी के साथ पैदा हुई थी, ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएगी | बावजूद इस सच के ये बात बेहद दुखद थी। उस हादसे के बाद उन्होंने और उनके माता पिता ने आगे बढ़कर उस अस्प्ताल के मरीज़ो की मदत करना शुरू किया जहा हैल की बहन का इलाज हुआ था। इस सारी घटना के दौरान उन्होंने सीखा कि दुखभरी परिस्थितया हमेशा स्थायी नहीं रहती और ये हमें काफी कुछ सिखाती भी है।

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इसके बाद उनके साथ एक और दुर्घटना घटी। उनका एक बहुत ही बुरा कार एक्सीडेंट हुआ । हैल अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ अपनी नयी गाडी मस्टैंग में 70 किलोमीटर की रफ़्तार से जा रहे थे | दूसरी तरफ से एक शराबी 80 किलोमीटर की रफ़्तार से ट्रक चला रहा था और हैल की गाडी से आ टकराया | धमाका इतनी ज़ोर से हुआ की हैल की गाड़ी उलट कर दूसरी सड़क पर जा गिरी जहा पर ट्रैफिक और भी ज़ादा था | एक और गाड़ी हैल की गाड़ी से टकराई |

इस एक्सीडेंट में हैल के इलावा किसी को ज़ादा चोटे नहीं आयी न उनकी गर्ल फ्रेंड को न ट्रक ड्राइवर को | लेकिन हैल– गाडी की सीट और स्टीयरिंग के बीच में बुरी तरह दब गए थे | जैसे ही उन्हें बहार निकाला गया, उनकी साँसे रुक चुकी थी | लेकिन 6 मिनट के बाद उनकी साँसे दोबारा चलने लगी और उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया | उनकी 11 हड़िया टूट चुकी थी और अगले 6 दिनों में उनकी सात Surgeries हुई |

डॉक्टर्स ने उन्हें बोला की अब वो कभी भी व्हील चेयर से नहीं उठ पाएंगे | लेकिन हैल ने डॉक्टर्स की सलाह के बावजूद न ही सिर्फ चलना शुरू किया बल्कि 84 किलोमीटर का अल्ट्रा मैराथन भी भागा | वो अपनी सारी इम्प्रूवमेंट्स का क्रेडिट अपने मॉर्निंग रूटीन को देते है | इसीलिए उन्होंने 2012 में “द मिरेकल मॉर्निंग ” बुक लिखी | जिसे 27 भाषाओ में ट्रांसलेट किया जा चूका है | और 70 देशो में 5 लाख से ज़ादा लोग इस मॉर्निंग रूटीन को फॉलो करते है ।

वक्त आ गया है अपने अन्दर छुपी अपार संभावनाओं को पहचाने का।

इस किताब से जो तीन अति आवश्यक बाते उभर कर

सामने आती है वो है | आप वो सब कुछ कर सकते है जो दुनिया के तमाम बाकि लोग कर सकते है | और आपको इस बात पर पुरे दिल से यकीन करना पड़ेगा ताकि आप अपने गोल्स तक पहुंच सके और अपने आस पास के लोगो को भी प्रभावित कर सके |

खुद को इम्प्रूव करने के लिए हमें अपने लिए हर रोज़ अलग से टाइम निकलना पड़ेगा | और सिर्फ तभी आप वहा पहुंच पाएंगे जहा आप पहुंचना चाहते है | आप पुरे दिन में कितने प्रोडक्टिव तरीके से काम कर पाएंगे ये डिपेंड करता है की आप अपनी सुबह किस तरीके से गुज़ारते है | जिसका मतलब सरल शब्दों में ये है की आपके गोल्स आपके दिन के कामो पर डिपेंड करते है, और आपका सारा दिन आपकी सुबह पर | अगर आप अपनी सुबह को अच्छा बना लेते है तभी आप अपने गोल्स को अचीव कर सकते है। अगर आपको सुबह जल्दी उठना अच्छा नहीं लगता तो “मिरेकल मॉर्निंग” आपको वो सारे तरीके बताएगी जिस से आप जल्दी उठ सकते है और अपनी सुबह को एन्जॉय कर सकते है | हम सभी जानते है की सुबह जल्दी उठना हेल्थ और माइंड के लिए बहुत अच्छा है । अगर आप इस बुक में दिए गए मॉर्निंग रूटीन को फॉलो करते है तो आप अपना पूरा दिन अचे तरीके से प्लान कर सकते है ।

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95% REALITY CHECK ये कांसेप्ट कहता है की 95% लोग उन छोटी चीज़ो के साथ जीना सीख लेते है जो उन्होंने अपनी ज़िन्दगी में पायी है | दुःख की बात ये है की ये लोग वो सब चीज़े पा सकते है जो ये अपनी ज़िन्दगी से चाहते है | मगर अब सवाल ये आता है की हम ऐसा क्या करे की हम भी उन 95% लोगो में शामिल न हो | इस के लिए आप 3 स्टेप्स उठा सकते है |

पहला स्टेप:- सबसे पहले तो 95% वास्तविकता की जानकारी रखे

पहला स्टेप कहता है की अगर हम पूरी क्षमता के साथ जीने के लिए कड़ी मेहनत नहीं करते तो हम भी उन 95% लोगो में शामिल होंगे जिन्होंने बिना प्रयत्न के ही हथियार डाल दिए है | एक बेहतर जीवन जीने के लिए मेहनत करने के बजाए हार मानकर बैठ जाना कहीं ज्यादा आसान होगा। मगर वो जिंदगी पछतावे और दुख से भरी होगी। वो दुःख होगा हार का और अपनी नाकामयाबी का | हमें खुद को इम्प्रूव तो करना ही चाहिए और साथ में दुसरो को भी उनके गोल्स अचीव करने में मदत करनी चाहिए। इस से हम समाज में एक उदाहरण दे सकते है की जो लोग पूरी मेहनत से अपने गोल्स की तरफ काम करते है वो कभी विफल नहीं होते

दूसरा कदम: उन कारणों को जाने जो आपको साधारण बनाती है

खुद को मामूली समझने की मानसिकता ही आपके और आपकी सफलता के बीच की सबसे बड़ी दीवार है। हम यहाँ कुछ ऐसी ही वजहे आपको गिना रहे है जो आपको ऐसा सोचने पर मजबूर करती है। जैसे कि

1. हमेशा अपने पास्ट की बुरी चीज़ो को ही याद करते रहना

  1. अपने लिए बहुत छोटे गोल्स रखना और कम में ही खुश हो जान
  2. अपनी ज़िम्मेदारियों से भागना
  3. बड़ी सोच से नफरत करना 5. हर गलती को मज़ाक में ले लेना

तीसरा कदम: वक्त के साथ चलिए अगर आप चाहते है कि आपको औरो से कुछ अलग करना है तो आज ही करिए। कल किसने देखा है ? आपका कल कभी भी नहीं आएगा | जीवन में बड़े बदलाव हमारे हार्ड वर्क से ही आते है। इसलिए आपको जो भी करना है आज ही उसे कीजिये क्योंकि यही सफलता की कुंजी है। जानिये, आप सुबह क्यों उठे है ?

क्या आप उन में से है जो अलार्म घडी के बार-बार बजने पर भी नहीं उठ पाते और तब ही उठते है जब उठना आपकी मजबूरी हो। तो यकीन मानिए आप खुद अपनी सफलता की राह में खड़े है।

अगर आप अपना दिन ही शुरू नहीं करना चाहते तो आप अपने सपनो को कैसे पाएंगे ? तब तो बस सोते हुए अपने सपनो में ही जीते रहिये और बाकी लोगो को अपने सपने पुरे करते हुए देखिये क्यूंकि बाकी लोग जो काम कर रहे है वो तो अपने गोल्स पा ही लेंगे |

सुबह की शुरुवात में हम जो महसूस करते है उसी सोच के साथ हमारा सारा दिन व्यतीत होता है। सुबह जल्दी उठने वाले बहुत से लोगो ने इस बात की पुष्टि की है। यदि नीद से उठने के बाद हमें लगता है कि आज का दिन बुरा गुजरेगा तो अक्सर दिन बुरा ही गुज़रता है। इसके विपरीत अगर हमें सुबह जल्दी उठने से एक तरोताज़ा एहसास होता है तो हमारा दिन भी ऐसा ही गुज़रता है। ये हमारे नीद की अवधि पर निर्भर नहीं करता बल्कि हमारी नीद की ज़रुरत पर करता है।

ये मैटर नहीं करता की आपने कितने घंटे की नींद ली। अगर आप मानते है की जितनी भी नींद आपने ली वो काफी है तो आप सुबह को एन्जॉय कर सकते है । आप कितनी नीद सो पाए इससे ज्यादा ज़रूरी है ये जान लेना कि आपकी नीद पूरी हुई और अब आप एक शानदार सुबह का आनंद लेने के लिए तैयार है। जब आपको इसकी आदत पद जाएगी तो ये आपको ज़रा भी मुश्किल नहीं लगेगा | मगर हाँ, ये तभी हो पायेगा जब आप पक्का मन बना ले कि चाहे कुछ भी हो जाए आपको हर सुबह जल्दी उठना है। और फिर एक अनोखा बदलाव धीरे-धीरे आपके जीवन में आने लगेगा।

हर सुबह जल्दी जागने के लिए 5 SNOOZE-PROOF STRATEGY

पहली स्ट्रेटेजी: रात में सोने से पहले ही अपने अगले

दिन की प्लानिंग कर ले। सुबह जल्दी उठने का एक बेहतर तरीका ये है कि आप सोने से पहले ही डिसाइड कर ले की आप सुबह क्या करेंगे | जब आप इस निर्णय के साथ सोयेंगे तो ज़ाहिर है अगली सुबह भी ये बात आपको याद रहेगी। इसलिए आपको चाहिए कि अपनी चार ऐसी चीज़ो को चुन ले जिन्हें आप सुबह उठकर पूरा करना चाहते है।

दूसरी स्ट्रेटेजी अपनी अलार्म घडी को अपने बेड से दूर रख दे

अलार्म घडी को पहुँच से दूर रखेंगे तो उस तक पहुँचने के लिए आपका शरीर थोड़ी मेहनत करेगा और इस प्रोसेस में ही आपकी नीद भाग जायेगी।

तीसरी स्ट्रेटेजी: उठते ही सबसे पहले अपने दांतों को ब्रश कीजिये

सुबह उठते ही दांत ब्रश करने में थोडा आलस तो आ सकता है मगर इसके बड़े फायदे है। इससे आप तुरंत एक्टिव महसूस करेंगे। इसलिए सुबह उठते ही सबसे पहले अपने दांत ब्रश कीजिये ।

चौथी स्ट्रेटेजी: अपने दिन की शुरुवात पानी से कीजिये पानी हमारे जीवन की आवश्यकता है। ना सिर्फ सुबह बल्कि दिन के किसी भी वक्त पानी का सेवन शरीर को एक नयी स्फूर्ति देता है।

रात भर की नीद के बाद हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसलिए सुबह उठते ही पानी का सेवन बहुत फायदेमंद है। ये आपके आलस को दूर करके ताजगी का एहसास कराता है।

पांचवी स्ट्रेटेजी: शावर ले या कपडे पहन कर तैयार हो जाये यहाँ आपके सामने दो ऑप्शन्स है।

  1. पहले नहा कर तैयार हो जाए फिर उसके बाद जो आपने रात को सोने से पहले डिसाइड किया था उन कामो को कीजिये। एक बढ़िया शावर आपको तरोताज़ा कर देगा फिर आपके दिन की शुरवात भी बढ़िया होगी। 2. अपने एक्सरसाइज के कपडे पहन कर तैयार हो जाए ताकि आपका वक्त बचे और आप अपनी “मिराकल मोर्निंग” रूटीन शुरू कर सके और एक्सरसाइज के बाद आप नहाने जा सकते है

THE LIFE S.A.V.E.R.S यानी 6 ऐसी आदते जिनकी मदद से आप अपनी सारी क्षमताओं का भरपूर उपयोग कर पायेंगे। (इन 6 आदतों को आप SAVERS शब्द से याद रख सकते है

S का अर्थ है SILENCE

यानी शान्ति लाइफ सेवर्स (Life SIAIVIEIRIS’s) का पहला शब्द SILENCE है, जो हमारी दिनचर्या की सबसे अहम् चीज़ है। हम सब जानते है कि आजकल जिंदगी कितनी भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण हो गयी है इसलिए हमें ज़रुरत है कि अपनी प्राथमिकताए चुने और एक शांत जीवन जीने की कोशिश करे। शान्ति हमें अपने भीतर झाँकने का मौका देती है। आप जितना शांत रहेंगे, तनाव को उतना ही दूर करेंगे। शांत चित्त रहने से आप खुद के प्रति अधिक जागरूक हो जाते है जिससे आप किसी भी लक्ष्य को पा सकते है।

किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ज़रूरी है, विचारो का स्पष्ट होना और सेल्फ अवेयरनेस । एक शांत मन से ही आप सेल्फ अवेयर हो सकते है और अपने थॉट्स को ओर्गनाइजे कर सकते है। खुद को शांत रखने का चाहे जो तरीका आप चुने, ये आपकी लक्ष्य प्राप्ति के लिए हमेशा काम आएगा। आप ध्यान कर सकते है या फिर प्राथना का सहारा ले सकते है या फिर गहरी लम्बी साँस लेने का अभ्यास कर सकते है।

A का अर्थ है अफरमेशन

अफरमेशन यानी खुद को मैसेज देना | मुहम्मद अली हमेशा अपने आप से कहते थे की “मैं महान हु” और इसका नतीजा हमेशा वही रहा जो उन्होंने अपने बारे में यकीन से कहा था। खुद पर विश्वास एक चमत्कार की तरह काम करता है। ये आपको वो बनाता है जो आप बनना चाहते है। अगर आपको विश्वास है कि आप महान हो तो आप महान बनोगे ।

अगर एक इंसान चाहे तो वो अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव ला सकता है। ये हम मनुष्यों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि इच्छाशक्ति के बल पर ही हम अपनी कमजोरियों पर काबू पा सकते है | हर इंसान में कुछ न कुछ कमी ज़रूर होती है। हमारी कमज़ोरिया ही हमारे सपनो और हमारे बीच दीवार बनकर खड़ी हो जाती है। मगर ज़रुरत इस बात की है कि हम इन कमियों को जितना हो सके उतना दूर करे |

अपने भीतर झांककर ही हम खुद से सवाल जवाब कर सकते है। जो हमारी कमियाँ है उन्हें दूर करके अपनी अच्छाइयों को उभार सकते है। ये आदत हमें एक बेहतरीन इंसान बनने में मदद करेगी। अपने आप से क्या अफरमेशन करनी है, इसके लिए

आपको पता होना चाहिए की :-
🔸 आपकी इच्छाए, आपका लक्ष्य क्या है

🔸 वो कारण जो आपका लक्ष्य तय करते हैं

🔸 वे लोग जिनकी आप चिंता करते है

🔸 ऐसे शब्दों का चुनाव जो आपको मोटीवेट करते हो

V का अर्थ है Visualization

विजुएलाइजेशन का मतलब है की आप अपने ब्रेन में वो मेन्टल इमेजेज बनाते है जो आप अपनी लाइफ में पाना चाहते है | ये एक तरीके से ब्रेन एक्सरसाइज है जहाँ कोई व्यक्ति अपने सपनो को कल्पना के ज़रिये पूरा होते हुए देखता है। बार बार इसकी कल्पना उसे अपने सपनो की याद दिलाती रहती है। जिससे वो और भी बेहतर तरीके से अपनी कोशिशो में जुट जाता है। अक्सर खिलाड़ी इस प्रक्रिया को अपने प्रदर्शन में बेहतर परिणाम के लिए इस्तेमाल करते है। अपनी जीत की कल्पना करते रहना आपके सपनो को पूरा करने में आपकी मदद करती है।

मगर हम में से बहुत लोग बीती हुई दुखद घटनाओं को ही अपने मन में दोहराते रहते है जिससे हमें सिवाय दर्द और तकलीफ के और कुछ नहीं मिलता। जो हो चूका है उसे तो हम बदल नहीं सकते मगर उसे याद करके हम अपनी जीत को ज़रूर खो देते है। तो बेहतर होगा कि हम कुछ अछि चीज़ो की कल्पना करे जो हमें प्रेरणा दे सके।

ऐसे कुछ स्टेप्स है जिन्हें अपनाकर आप अच्छे तरीके से विज़ुअलाइज़ कर सकते है । जैसे कि

पहला :- शांत रहने की कोशिश कीजिये और गहरी और लम्बी साँसे लेते रहे। –

दूसरा:- अच्छे रिजल्ट्स की कल्पना कीजिये। सोचिये कि जो आपने चाहा है, वो प्राप्त होगा। खुद को यकीन दिलाने वाले शब्दों को मन में दोहराते रहे।

तीसरा :- जैसा आप बनना चाहते है उसकी कल्पना करे। खुद को अपने ख्यालो में एक खुशहाल व्यक्ति दिखाए जो अपने सभी ज़रूरी काम ठीक से कर रहा है।

E का अर्थ है एक्सरसाइज़

सुबह-सुबह का व्यायाम हमारे शरीर और दिमाग को बहुत फायदा पहुंचता है | इसे एक हैबिट बना लीजिये ये आपकी सुबह को एनर्जी से भर देगा | जब आप स्वस्थ रहेंगे तो बेहतर विचार खुद ही आपके दिमाग में आने लगेंगे | ये आपको फोकस करने में बहुत मदत करेगी | एक्सरसाइज से हमारे भीतर कई पॉजिटिव बदलाव आते है आपका मन और दिमाग शांत होने लगता है, आपकी एनर्जी सही डायरेक्शन में फ्लो होती है | यही कारण है कि किसी भी टाइप की एक्सरसाइज के बाद आपका मूड अच्छा होने लगता है । इसीलिए अपने जीवन में एक बेहतर बदलाव लाने के लिए हर सुबह कोई न कोई एक्सरसाइज ज़रूर करे ||

R का मतलब है रीडिंग

क्या आप जानते है किताबे पढना आपकी जिंदगी को पुरे तरीके से बदल सकता है ? ये एक अकेली ऐसी आदत है जिसे जीवन में अपनाने से किसी की भी जीत पक्का है। और इसीलिए हमने आपके लिए गिगल ऐप भी बनाई है |जितना अधिक आप पढ़ते है आपको उतने ही नए आइडियाज आते है जिनको आप अपनी ज़िन्दगी में इस्तेमाल करके सक्सेसफुल बन सकते है । जब भी आप कोई नयी किताब पड़ते है आप उन लोगो से सीखते है जिन के पास बहुत एक्सपेरिएंसेस है –नए आइडियाज है | ये लोग वहा पहुँच चुके है जहा आप पहुंचना चाहते है इसलिए किताबो में दिए गए इनके आइडियाज से हमेशा सीखते रहिये | अगर आप रोज़ पढ़ते है तो आप उन गलतियों को दोहराने से बच जाते है

जो इन लोगो ने की थी | और इसी वजह से आपको जीत बहुत जल्दी मिल जाती है | पढना यदि आपको उबाऊ लगता है तो घबराईये नहीं, थोडा ही सही पर कुछ ना कुछ रोज़ पढ़िये । और फिर धीरे-धीरे ये आपकी आदत में शामिल हो जाएगा।

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S का मतलब है Scribing

यानि लिखना स्क्राइब से आप अपने अंदर चल रहे उन सब इमोशंस को शब्दों के रूप में व्यक्त कर सकते है जो आपके अंदर चल रहे है | हर रोज़ थोडा थोडा लिखने की आदत डालिए इससे आपको मन में दबी भावनाओ को व्यक्त करने का मौका मिलेगा। आप खुद को और भी बेहतर तरीके से समझने लगेंगे। जो कुछ अच्छा-बुरा आप महसूस करते है, उसे लिख डालिए। “मिराकल मोर्निंग” के रूटीन में अपने आइडियाज को लिखना भी शामिल है जिससे आपका दृष्टिकोण स्पष्ट हो सके | ऐसा करने से आप ये भी समझ जायेंगे की आप अपने गोल्स के पास है या दूर |

सबसे पहले तो जो आप पाना चाहते है, उसे सम्बंधित सभी बातो को डिटेल से लिखकर रखिये। हर रोज़ उस बारे में लिखने से आप अपने लक्ष्य को कभी नहीं भूलेंगे। याद रखिये कि मुश्किल काम भी आसान है अगर आप मान ले कि वो आसान है। शुरुवात में आपको इसका अभ्यास करना पड़ेगा फिर ये धीरे-धीरे आपके लिए सरल होता चला जाएगा। इन 6 हैबिट्स को आप S.A.VE.R.S शब्द से याद रख सकते है

6 मिनट दे कर “मिरेकल मॉर्निंग” रूटीन को फॉलो करे

आजकल की जिंदगी बहुत व्यस्त हो गयी है। आप ये सोच सकते है कि आपके पास इन सब चीजों को करने के लिए वक्त ही कहाँ है ? इसलिए तो ” 6 मिनट मिराकल मोर्निंग” को खास आपके लिए तैयार किया गया है। अगर आपको जिंदगी की भाग-दौड़ से ज़रा सी भी फुर्सत नही मिलती, अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए भी वक्त निकालना आपके लिए मुमकिन नहीं है तो चिंता मत कीजिये क्योंकि आपको इन सारे तरीको को अपनाने में सिर्फ 6 मिनट लगेंगे।

अपनी जिंदगी से सिर्फ 6 मिनट का समय निकाल कर आप वो सफल इंसान बन सकते है जिसकी आप कल्पना करते है। इस अल्प समय का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करके आप जान पायेंगे कि ये छोटी सी समय अवधि भी कितनी प्रभावशाली और काम की चीज़ है। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आपको ये ज़रूर अपनाना चाहिए। हो सकता है कि अभी आपको ये थोडा नामुमकिन लगे, पर एक बार इसकी आदत पड़ जाने के बाद आप खुद ही बदलाव महसूस करने लगेंगे

पहला मिनट :-

एक बेहद शांत मन के साथ जागने की कल्पना करे। सुबह हडबडाहट में उठकर अपने दिन की शुरुवात करना किसी भी सूरत में एक ख़ुशी का एहसास नहीं देता | इसलिए सबसे पहले तो सुबह जल्दी उठने के फायदों के बारे में सोचे। जब आप नीद से उठे, शांत रहे, कोई जल्दबाजी ना करे |

दूसरा मिनट –

मन ही मन खुद को वो शब्द बोले जो जो आपको मोटीवेट करते है | इससे आपमें एनर्जी आएगी और आपको अपने गोल्स याद आएंगे | इससे आपको जानने में मदद मिलेगी कि आपके लिए सबसे ज़रूरी क्या है। और आप अपने डिसिजन को अचे तरीके से ले पाएंगे |

तीसरा मिनट –

हर वक्त अपनी जीत की कल्पना कीजिये, जो आप जीवन से चाहते है उसे पा लेने की कल्पना कीजिये। अपने मन-मस्तिष्क को इसी लक्ष्य की प्राप्ति में लगा दीजिये और ये महसूस कीजिये की आप अपने गोल्स को पा चुके है ।

चौथा मिनट-

आप क्या महसूस करते है, उपरवाले के प्रति आप कितने आभारी है। इन सब बातो को एक कागज में लिख डालिए। उन लक्ष्यों के बारे में लिखिए जो आप जीवन में पाना चाहते है। जो कुछ भी आपने अब तक हासिल किया वो सब लिखिए । लिखने की आदत आपको सफलता के लिए और भी प्रेरित करती रहेगी।

पांचवा मिनट अभी इसी वक्त से पढने की आदत डाले। कुछ ऐसा पढ़े जो आपको मोटीवेट करे, उम्मीद जगाये। कुछ ना कुछ नया सीखिए पर सीखिए ज़रूर। ये नए आइडियाज हो सकते है, स्ट्रेटेजीस हो सकती है, किसी की लाइफ स्टोरी हो सकती है | हर रोज़ किसी किताब के कम से कम दो पन्ने पढ़िए ये आपके ज्ञान का दायरा बढ़ा देगा।

छठा मिनट

ये आखिरी मिनट अपने शरीर के लिए इस्तेमाल कीजिये । अपने तन मन को चुस्त रखने के लिए कोई ना कोई एक्सरसाइज कीजिये। एक्सरसाइज हमारा फोकस बढाने में मदत करती है। इससे हमारा इम्यून सिस्टम भी अच्छा होता है || दौड़ना, चलना या पुश अप्स आप कुछ भी चुन सकते है। कोई भी लक्ष्य पूरा करने के लिए आपके अन्दर भरपूर ऊर्जा होनी चाहिए जो हमें एक्सरसाइज से ही मिलती है।

” मिराकल मोर्निंग” को लाइफस्टाइल के अनुसार तय करे और बड़ी से बड़ी सफलता हासिल करे । अब जब आपको पूरा सार समझ आ गया है तो यहाँ ये कहना आपको उल्टा लग सकता है लेकिन आपको ये बता दे कि आप “मिराकल मोर्निंग” की प्रैक्टिस सिर्फ सुबह ही नहीं बल्कि दिन के किसी भी समय कर सकते है। हालांकि हम इसके लिए सुबह का समय सबसे ज्यादा अनुकूल मानते है मगर जो लोग सुबह अभ्यास नहीं कर सकते वे इसे दिन के किसी भी समय सकते है। हमारे शरीर को खाना पचाने के लिए बहुत एनर्जी की ज़रुरत पड़ती है इसीलिए ढेर सारा खाना एक साथ खाने के बाद शरीर सुस्त पड़ जाता है ।

“मिराकल मोर्निंग” की प्रैक्टिस फ्रेश बॉडी और माइंड के साथ ही किया जाना चाहिए। इसके अनुसार सुबह मिरेकल मॉर्निंग की प्रैक्टिस के बाद ही हमें खाना खाना चाहिए | अब अगर आप सोच रहे है कि आप ऐसा क्या खाए जो आपके शरीर को आसानी से डाइजेस्ट हो जाए और बॉडी एकदम लाइट रहे तो आपको खाने में ऐसी चीज़े लेनी चाहिए जो आपको फ्रेशनेस दे, जैसे की फ्रूट्स और वेजटेबल्स |

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अगर आप चाहे तो स्मूदी (Smoothie) ले सकते है जो शरीर को सभी ज़रूरी नुट्रिएंट्स देता है। इसमें हर तरह के मिनरल । प्रोटीन और विटामीन्स मिलते है। “मिराकल मोर्निंग” की शुरवात करने के लिए स्मूदी एक बेस्ट डाइट है अगर आप इसे बनाने का तरीका सीखना चाहते है तो आप miraclemorning.com में देख सकते हैइस बात का ध्यान रखे कि आप जो कुछ भी कर रहे है, जो भी आपके लक्ष्य है वे मिराकल मोर्निंग” के साथ जुड़े हो। इस तरह आप तस्सली कर सकते है कि आप अपने लक्ष्य पर ख़ास ध्यान दे रहे है। ये प्रोसेस आपके लॉन्ग-टर्म गोल्स के साथ-साथ छोटी छोटी सफलताओं को पाने के लिए भी बहुत इफेक्टिव रहेगी। आप इसकी मदद से बेहतर से बेहतर रिजल्ट्स पा सकते है। लाइफ S.A.V.E.R.S. की ये प्रक्रिया आपको अपने काम में और भी फोकस्ड बना देगी।

समय के साथ साथ आप और क्रिएटिव चीज़े कर सकते है |इससे “मीराकल मोर्निंग” की प्रैक्टिस आपके लिए और भी मजेदार हो जाएगी। सुबह जो आप एक्सरसाइज करते है उनमे बदलाव करके देखिये, visualize करने के कुछ नए तरीके आजमाईये। खुद को लिमिट मत कीजिये | हर दिन कुछ नयापन लाईये। एक जैसा रोज़ मत कीजिये और ना ही इसे एक निश्चित समय के लिए रखिये

जितना अधिक आप प्रैक्टिस करेंगे उतना अच्छा परिणाम आपको मिलेगा । जो आपकी आदते है वही तय करती है कि आपको कितनी सफलता मिलेगी। यदि आप किसी सफल इन्सान को जानते है तो आपको उनकी आदतों को देखकर अंदाजा हो जाएगा कि उन्हें सफलता कैसे मिली। जो आप बनना चाहते है मगर है नहीं, तो इसका सीधा मतलब है कि अभी आपने अपनी आदते बदलने के लिए पूरी कोशिश नहीं की है |

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जब आप मिरेकल मॉर्निंग की आदत बनाएंगे तो आप इन स्टेजेस से गुज़रेंगे 1-10 दिन : असहनीय अपने अंदर एक अच्छी आदत डालना शुरू में बहुत मुश्किल भरा होगा क्योंकि बुरी आदते इतनी आसानी से पीछा नहीं छोडती । शुरुवात में ये बहुत आसान काम लगता है मगर धीरे-धीरे बहुत दर्दनाक हो सकता है। और सबसे मुश्किल बात तो ये है कि शुरुवाती दर्द से घबराकर कई लोग अपने कदम पीछे खीच लेते है और अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते। लेकिन आप इस शुरुवाती दर्द से घबराईये नहीं क्योंकि ये टेम्पररी है। 10 दिन पूरे होते ही आप इस दर्द को भूल जायेंगे और जो हासिल होगा वो होगी सिर्फ आपकी कामयाबी।

11-20 दिन : uncomfortable आपके लिए ये सैकण्ड फेज पहले के 10 दिनों से कुछ आसान होगा। अब तक आपको इसकी कुछ-कुछ आदत पड़ चुकी होगी। और आपके अन्दर ये कॉन्फिडेंस भी आ जायेगा कि आप इसे पूरा कर सकते है। ये दिन आपकी जिंदगी के सबसे मुश्किल हो सकते है मगर अपने मज़बूत इरादों के बल पर आप इसे पूरा कर सकते है।

21-30 दिन : Unstoppable इस लास्ट फेज में आप ये सोच कर संतुष्ट नहीं हो सकते कि आपका काम अब पूरा हुआ। अभी आपको अंत तक डटे रहना है। कुछ जानकारों का मानना है कि 21 दिनों का ये प्रोसेस अच्छी आदतों को अपनाने के लिए सफीसेन्ट है। और एक तरह से वे सही भी है।

बेशक इसमें 21 दिनों का समय लग सकता है मगर इसे लम्बे समय तक बनाए रखने के लिए आपको आखिरी 10 दिन चाहिए। वार्ना ये उतना इफेक्टिव नहीं होगा और इसका रिजल्ट ज्यादा देर तक नहीं रह पायेगा। अगर आप इन 10 दिनों में नयी आदते नहीं बना पाए तो आपकी सारी मेहनत बेकार चली जायेगी।

अपनी लाइफ को इम्प्रूव करने के लिए 30 दिन की “मिराकल मोर्निंग “ चुनौती

यदि आप “मिराकल मोर्निंग” का चैलेंज एक्सेप्ट करते है तो आप मनचाही सफलता हासिल कर सकते है। ये आपकी जिंदगी में एक बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। ये आपको पहले से ज्यादा डिसीपीलन्ड इंसान बना देगा। अगर आपको ये चैलेंज लेने से डर लगता है तो घबराइये नहीं। ये अच्छी बात है कि आपके मन में इसको लेकर थोडा डर है। इससे ज़ाहिर होता है कि आप मन ही मन इसके लिए तैयार हो रहे है। इसे अपनाकर जिंदगी में बदलाव लाने के लिए आप तैयार है। अगर सुबह जल्दी उठना आपके लिए दुनिया का सबसे मुश्किल काम है तो भी घबराईये नहीं क्योंकि आप ही अकेले ऐसे नहीं है, आपकी तरह बहुत से और भी है जिन्हें ये काम मुश्किल लगता है।

30 days चैलेंज का पहला कदम : आपको अपनी किट लेनी है पहला काम जो आपको करना है वो ये है कि

www.miraclemorning.com पर जाईये और अपनी मिराकल मोर्निंग की फास्ट स्टार्ट किट मुफ्त में हासिल कीजिये। इसमें सभी ज़रूरी टूल दिए गए है जैसे कि ट्रेकिंग सिस्टम, एक्सरसाइज़ वगैरह ।

30 days चैलेंज का दूसरा कदम: कल की शुरुवात के लिए आज ही प्लान करे अपने अगले दिन की मिराकल मोर्निंग की रूटीन प्लान कर ले। हर चीज़ पहले से ही तय रखे जैसे समय, जगह आदि । इसके बेहतरीन परिणाम पाने के लिए इसे कभी भी अपने बेडरूम में ना करे क्योंकि आपका बेडरूम सिर्फ सोने के लिए है।

30 days चैलेंज का तीसरा कदम: किट के साथ दिए गए इंस्ट्रक्शंस को ध्यान से पढे और उसी अनुसार उनकी प्रैक्टिस करे। प्रैक्टिस करने से पहले अपने माइंड और बॉडी को इसके लिए तैयार कर ले। एक शांत दिमाग के साथ ही आप इसे बेहतर ढंग से कर पायेंगे। अगर आप इसे सुबह के वक्त करने जा रहे है तो रात को सोने से पहले ही इसकी तैयारी कर ले।

30 days चैलेंज का चौथा कदम:- अपनी प्रैक्टिस का रिकॉर्ड रखिये, इसके लिए आप किसी की मदद ले सकते है

अगर आपकी प्रैक्टिस को कोई और ट्रैक कर रहे है, तो इस 30 days चैलेंज को पूरा करने के आपके ज़्यादा चान्सेस है अगर हो सके तो आप अपने फ्रेंड के साथ मिलकर इसकी प्रैक्टिस कर सकते है । क्योंकि इस तरह आप दोनों अपनी अपनी कमियां एक दुसरे के सुझावों की मदद से दूर कर सकते है।

तो क्या आप तैयार है सफलता की उंचाईयों को छूने के लिए ?

हम जो कुछ ‘भी करते है उसे बेहतर से बेहतरीन बना सकते है। चाहे आप कितने ही परफेक्ट इंसान क्यों न हो, आपके अन्दर बेहतर करने की गुंजाइश हमेशा रहती है। आप और भी नया बहुत कुछ सीख सकते है, कर सकते है। एक महीने के अंदर ही आप खुद में एक पॉजिटिव चेंज ला सकते है। फिर चाहे आज आपके हालात जैसे भी हो। क्योंकि जो बीत गया वो मायने नहीं रखता, मायने रखता है तो आनेवाला कल और इसे आप बदल सकते है अपने वर्तमान की ताकत से ।

आशा करता हूँ कि यह बुक समरी आपको जरूर पसंद आयी होगी। ऐसे ही नाॅलिजबल कंटेंट के लिये skillreaders को सब्सक्राइब करें  🙏 धन्यवाद

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