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Laws of Success Napoleon Hill

द हैबिट ऑफ़ सेविंग (The Habit of Saving)

क्या आप जानते हैं कि अगर किसी काम को बार-बार करो तो वो हमारी आदत बन जाती है. अब ये आदत अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी. एक्जाम्पल के लिए, पैसे बचाना हर सक्सेसफुल आदमी की आदत है. ये एक बहुत पावरफुल हैबिट है जिसे हम अक्सर नज़रंदाज़ करते हैं.

पैसे बचाने के लिए आपको अपने इनकम को एक ख़ास तरीके से अलग अलग चीज़ों में डिस्ट्रीब्यूट करने की ज़रुरत है. आपको हर महीने अपनी कमाई का कम से कम 10% बचा कर रखना चाहिए. अगर आप 20% बचाते हैं तो फ़िर क्या कहने.

पैसे बचाना फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस का रास्ता होता है. आप अपनी सेविंग्स से नए प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकते हैं जिससे और ज़्यादा पैसा जेनरेट होगा. इस तरह, ये आपको बहुत सक्सेस और उससे भी ज़्यादा पैसे की गारंटी देता है. आइए एक ऐसे नौजवान किसान की कहानी सुनते हैं जिसने अपनी छोटी सी बचत को एक बड़ी रकम में बदल दिया था.

सैम ने बेहतर मौकों की तलाश के लिए अपने खेतों पर काम करना छोड़ दिया. काम ढूंढते ढूंढते उसे एक दिन एक प्रिंटिंग प्लांट में जॉब मिली. वहाँ उसने साथ काम करने वाले एक आदमी को हर हफ़्ते 5$ बचाते हुए देखा. वो इस बात से काफ़ी इम्प्रेस हुआ और उसने ख़ुद इसे फॉलो करने का मन बनाया. उस प्लांट में तीन साल काम करने के बाद सैम 900$ बचाने में कामयाब रहा.

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वो कहते है ना कि समय कभी एक जैसा नहीं रहता, तो ऐसा ही कुछ उस प्रिंटिंग प्लांट के साथ भी हुआ. उसके ओनर्स का लगभग दिवाला निकल गया था और वो अब ये बिज़नेस बंद करने की सोच रहे थे. उस वक़्त सैम के अकाउंट में 900$ थे और वो उन ओनर्स की मदद करना चाहता था. इसलिए उस बिज़नेस में उसने अपने पैसे इन्वेस्ट किये और इसके बदले में उसे प्रॉफिट में 50% हिस्सा दिया गया.

अब ज़रा सोचिये कि अगर सैम पैसे नहीं बचाता तो क्या ये मौका उसके हाथ से निकल नहीं जाता? पैसे इन्वेस्ट करने के बावजूद उसने अपनी जॉब छोड़ी नहीं बल्कि अपनी सैलरी के साथ साथ उसने हर साल 25,000$ प्रॉफिट भी कमाया. सैम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा कुछ होगा लेकिन जिंदगी में अक्सर मौके हमारे दरवाज़े पर तब दस्तक देती है जब हमें उसकी सबसे कम उम्मीद होती है.

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क्योंकि सैम ने पैसे बचा रखे थे तो वो किसी भी अच्छे मौके का स्वागत करने के लिए बिलकुल तैयार था. इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप कितना पैसा सेव कर पाते हैं. वो कहते हैं ना कि बूँद बूँद से घट भरे, तो आपकी छोटी से छोटी बचत कब एक बड़ी अमाउंट बन जाएगी आपको पता भी नहीं चलेगा. और क्या पता सैम की तरह जिंदगी आपको भी किसी दिन एक कमाल का अवसर दे दे.

हाँ, इसमें कोई दो राय नहीं है कि 20% बचाना या आज के ज़माने में तो 10% बचाना भी किसी चैलेंज से कम नहीं है. कई बार बैठे बिठाए यूहीं पैसे ख़र्च हो जाते हैं या हमारे कुछ ऐसे दोस्त भी होते हैं जो बस मज़े और एंटरटेनमेंट के लिए हज़ारों रूपए उड़ा देते हैं.

लेकिन आपको थोड़ी कोशिश करके, अपना मन पक्का करके अपने गोल पर फोकस करना होगा.

अब इस कहानी में ही देख लीजिये, सैम बहुत गरीब था. बड़ी मुश्किल से उसका गुज़ारा हो रहा था. लेकिन वो बहुत स्मार्ट था. उसने पैसे बचाने की इस अद्भुत आदत की ताकत को समझ लिया था. . उसने तुरंत इसे अपनाया और उसका नतीजा ये हुआ कि आगे चलकर उसकी थोड़ी सी बचाई हुई रकम से उसने बहुत पैसा कमाया जिसने उसकी जिंदगी को ख़ुशहाल और कम्फ़र्टेबल बना दिया. आप भी ऐसा कर सकते हैं बस थोड़ी सी कोशिश करने की देर है.

इनिशिएटिव एंड लीडरशिप (Initiative and Leadership)

कॉन्फिडेंस एक महान लीडर का सबसे बड़ा गुण होता है. आप इसे उसका सबसे ख़ास हथियार भी कह सकते हैं क्योंकि इसी के दम पर वो लोगों को मोटीवेट करने और उनमें जोश भरने में कामयाब होता है. किसी पर डिपेंडेंट हुए बिना अपने दम पर हर काम को कर गुजर के ज़ज्बे के बिना आप एक महान लीडर नहीं बन सकते. अगर आपके बॉस को आपको ये बताने की ज़रुरत नहीं पड़ती कि आपको क्या क्या करना है तो इसका ये मतलब है कि आपमें आगे बढ़ कर पहल करने की एबिलिटी है और आप बखूबी अपनी सभी जिम्मेदारियों का ध्यान रख सकते हैं.

पहल करना यानी इनिशिएटिव लेना सक्सेस के लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट क्वालिटी होता है. लाखों कमाने वाले बिज़नेस ओनर बनने के लिए आपको एक अच्छा और efficient लीडर बनना होगा. लीडरशिप कोई चीज़ नहीं है जो आपको लक से मिल जाएगा या जिसे आप घर बैठे बैठे ऑनलाइन खरीद सकते हैं. इसके लिए आपको आगे बढ़ कर सही समय पर सही डिसिशन लेना होगा.

सका बेस्ट एक्जाम्पल है Microsoft. दुनिया के कोने कोने में फ़ैले इस बिज़नेस एम्पायर की शुरुआत दो लड़कों की दोस्ती से हुई थी और वो दो जीनियस हैं बिल गेट्स और पॉल एलन. वो दोनों ही प्रोग्रामिंग को बेहद पसंद करते थे और तो और उनके पास इसके अलावा बात करने का कोई टॉपिक नहीं होता था. 1974 में Popular Electronics मैगज़ीन में बड़ा ही दिलचस्प आर्टिकल छपा था.

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इस आर्टिकल ने उस समय तहल्का मचा दिया था क्योंकि उसमें दुनिया के पहले कंप्यूटर के बारे में लिखा था जो आम लोगों के इस्तेमाल के लिए बनाया गया था. उसका नाम था Altair 8800.

जब बिल और पॉल ने आर्टिकल पढ़ा तो वो जानते थे कि अगर वो इस मशीन के लिए कोड लिखने में कामयाब हुए तो ये टेक्नोलॉजी के फील्ड में किसी बड़े वोल्यूशन से कम नहीं होगा. इसलिए उन्होंने फ़ैसला किया कि वो ख़ुद इसका कोड लिखेंगे.

दो महीनों तक दोनों बस इस मशीन के लिए BASIC लैंग्वेज की कोड लिखने में जुट गए. उन्हें ना दिन की सुध थी ना रात की सबसे मज़ेदार बात तो ये थी कि उनके पास वो मशीन भी नहीं था क्योंकि सिर्फ कोड बनाना काफ़ी नहीं था, उसे मशीन में डाल कर चेक करना भी बहुत ज़रूरी था. वो दोनों उस वक़्त हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे.

उन्होंने वहाँ मौजूद Altair से मिलता जुलता PDP -10 मशीन का इस्तेमाल किया. उस वक़्त अगर उनके पास कुछ था तो वो था उनका कॉन्फिडेंस और कुछ अलग करने का जुनून और उनके जीनियस माइंड के बारे में कौन नहीं जानता. को तैयार होने के बाद उन्होंने एड रोबर्ट्स से कांटेक्ट किया, जिन्होंने Altair बनाया था. कोड को टेस्ट करने के लिए पॉल उनके हेड ऑफिस गए और फ़िर जो हुआ वो हिस्ट्री बन गया.

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एड की कंपनी का नाम MITS था. जब कोड को मशीन में डाला गया और मशीन ने रिस्पोंड करना शुरू किया तो वहाँ पर काम करने वालों के लिए ये किसी चमत्कार से कम नहीं था. एड ने तुरंत कहा कि वो बिल और पॉल के साथ काम करना चाहते थे. फ़िर उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और ऐसे Microsoft जैसे यूनिक ब्रांड का जन्म हुआ. बिल और पॉल का काम इतना बेहतरीन था कि वो बहुत जल्द ही दिन दुगनी रात चगुनी तरक्की करने लगे. लेकिन वो यहाँ रुके नहीं बल्कि आगे बढ़ते रहे. इसका सबसे बड़ा कारण था कि वो हर बार Altair के लिए नया कोड बनाकर उसे और भी बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहे.

बिल और पॉल सिर्फ़ अपने आईडिया की वजह से सक्सेसफुल नहीं हुए बल्कि हर वो चीज़ जो उनके काम आ सकती थी उसे आज़माने का उनमें जो अटूट विश्वास था, उसने उन्हें इतना ऊपर तक पहुंचाया है. वो कभी एक्सपेरिमेंट करने से या फेल होने से डरे नहीं. प्रोग्रामिंग उनका पैशन था और वो उनके लिए इतना आसान था मानो उनके लिए बस वो एक खेल हो. वो लगातार एक्सपेरिमेंट कर के नए नए आईडिया और कांसेप्ट लाते रहे. कभी किसी ने उन्हें नहीं बताया कि उन्हें क्या करना है, कैसे करना है, उन्होंने जो किया अपने दम पर किया और इसे ही लीडरशिप कहते हैं.

इमेजिनेशन (Imagination) Imagination वो पॉवर है जिससे आप अपने मन में कुछ भी क्रिएट कर सकते हैं. जब तक आपके माइंड में एक क्लियर पिक्चर नहीं होगी तब तक आपके पास एक क्लियर गोल भी नहीं हो सकता. और देखा जाए तो इमेजिन करने की एबिलिटी के बिना आप कॉफिडेंट या एक अच्छे लीडर नहीं हो सकते. आज हम आपको ऑटो-सजेशन नाम की technique के बारे में बताएंगे.

जब आप एक ही चीज़ पर फोकस करने लगते हैं, माइंड में उसकी पिक्चर को इमेजिन करने लगते हैं। वो ऑटोमेटिकली आप ऐसा एक्शन लेने लगते हैं जो आपके गोल को हासिल करने के लिए चाहिए. क्योंकि आपके इमेजिनेशन पर आपका पूरा कंट्रोल होता है तो आप जो चाहते हैं

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उसे हासिल करने से आपको कोई नहीं रोक सकता. तो चलये इस इमेजिनेशन की ताकत के बारे में क्लेरेंस सॉन्डर्स की कहानी से समझते हैं. क्लेरेंस एक छोटे से रिटेल स्टोर में ग्रोसरी क्लर्क के रूप में काम करते थे. वो एक साधारण आदमी थे जो साधारण सी जॉब करते थे और हफ़्ते के 20$ कमाते थे.

एक दिन, क्लेरेंस एक कैफेटेरिया में कुछ खरीदने के लिए गए. जब वो लाइन में इंतज़ार कर रहे थे तो “क्या होगा अगर” जैसे थॉट्स उनके माइंड में चलने लगे. उन्होंने कैफेटेरिया में सेल्फ़-हेल्प या सेल्फ़-सर्विस वाले प्रिंसिप्ल पर गौर किया कि वो किस तरह काम करता है. उन्होंने इसी प्रिन्सिप्ल को ग्रोसरी स्टोर में अप्लाई करने के बारे में सोचा.

ये आईडिया बहुत सिंपल था और एकदम नया भी नहीं था. लोग इससे अच्छी तरफ वाकिफ़ थे. अब क्लेरेंस अपने आस पास कनेक्शन ढूँढने में लग गए..

वो काफ़ी क्रिएटिव थे और उन्होंने अपने इमेजिनेशन का इस्तेमाल एक नए माहौल में इस पुराने आईडिया को यूज़ करने के लिए किया था. उन्होंने सेल्फ़-सर्विस वाले पिग्ली विग्ग्ली स्टोर्स की शुरुआत की. इस इनोवेटिव थिंकिंग ने क्लेरेंस को हफ़्ते में 20$ कमाने वाले एक आम लड़के से एक सक्सेसफुल मिलियनेयर बना दिया.

अगर आप गौर करेंगे तो क्लेरेंस ने उन सभी चीज़ों का इस्तेमाल किया जिसकी अब तक हमने बात की है. क्लेरेंस को एक क्रिएटिव आईडिया आया जिसने उन्हें एक गोल सेट करने के लिए मोटीवेट किया. उनका मकसद बहुत बड़ा था और वो अपने आईडिया से दुनिया को बदलना चाहते थे.

उनकी सबसे बड़ी खासियत ये थी कि वो बहुत फोकस्ड थे. उनके इस पावरफुल थॉट के साथ यूनिवर्स भी शक्ति भी थी क्योंकि वो लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन का इस्तेमाल कर रहे थे. जब आप पूरे दिल से कुछ पाना चाहते हैं तो ये यूनिवर्स उस इच्छा को पूरा करने में लग जाती है.

एक बार जब उन्होंने प्लान बना लिया तो वो कॉन्फिडेंस के साथ आगे बढ़ने लगे. क्योंकि सेल्फ़-सर्विस का कांसेप्ट ग्रोसरी स्टोर्स के लिए नया था तो उन्होंने ख़ुद पहल करके लीडर का रोल निभाया. यकीन मानिये ये बिना इमेजिनेशन की पॉवर के बिलकुल पॉसिबल नहीं हो पाता.

बिना इमेजिनेशन की पॉवर के कोई सक्सेसफुल नहीं हो सकता. हमेशा याद रखें कि इमेजिनेशन बिलकुल फ्री है और पूरी तरह आपके कंट्रोल में है. कोई आपको एक नया आईडिया क्रिएट करने से या पुराने आइडियाज को जोड़ कर एक नया आईडिया बनाने से नहीं रोक सकता. तो आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं?

कन्क्लूज़न (Conclusion)

ये बहुत दुःख की बात है कि ज़्यादातर लोग कभी समझ ही नहीं पाते कि आखिर वो हैं कौन और क्या करना चाहते हैं. वो एक मीनिंगलेस जीवन जीते हैं जिसका कोई मकसद नहीं होता. वो बस सक्सेसफुल लोगों को और सक्सेसफुल होता हुआ देखते रहते हैं.. इस बुक में हमने सीखा कि सबसे पहले हमें ख़ुद को ठीक से जानने की ज़रुरत है, हमारे अंदर कौन सा टैलेंट है, हम कौन सा काम अच्छे से कर सकते हैं

वगैरह. ख़ुद को समझने के बाद एक गोल सेट करें. ये गोल आपको कॉफिडेंट और सक्सेसफुल बनने के लिए पुश करता रहेगा, खासकर अगर आपके पास पावरफुल इमेजिनेशन होगी तो.

अगर आप एक एम्प्लोयी हैं तो आपको जितनी सैलरी मिलती है उससे कुछ ज़्यादा वैल्यू अपनी कंपनी को देने की कोशिश करें. अगर आप एक बॉस हैं तो अपने एम्प्लोयीज़ को अपना कोऑपरेशन दें और उन्हें भी समझने की कोशिश करें.

इस बुक में बताए गए लेसंस को अप्लाई करने के बाद आपकी लाइफ बिलकुल बदल जाएगी. सक्सेस सिर्फ़ आईडिया से या सोचने से नहीं बल्कि सच में एक्शन लेने से मिलती है. समय किसी के लिए नहीं रुकता, आज जो मौका आपके सामने है वो ज़्यादा देर आपके लिए इतज़ार नहीं करेगा और ना ही बार बार आपका दरवाज़ा खटखटाएगा. इसलिए इधर उधर देखना बंद करके आगे बढ़ने की पहल करें.

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तो अपनी थिंकिंग क्लियर रखें. एक डेफिनेट गोल सेट करें. हमेशा इमेजिनेशन की पॉवर को यूज़ करके कुछ नया सोचें. आपका फोकस इतना ज़बरदस्त होना चाहिए कि यूनिवर्स की लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन आपके सपने को साकार करने में लग जाए. एक्सपेरिमेंट करने से या फेल होने से ना डरें.

पैसे सेव करने की आदत डालें और याद रखें, आप ख़ुद अपनी किस्मत के लीडर हैं. और सबसे ज़रूरी बात लोगों के जीवन में कुछ ना कुछ वैल्यू add ज़रूर करें. ये वैल्यू कुछ भी हो सकता है जैसे फाइनेंसियल, इमोशनल या परफॉरमेंस वैल्यू. आज आप जो एक्शन लेंगे वो क्या पता कल आपको मिलियनेयर बना दे. और मुझे यकीन है कि आप भी मिलियनेयर ज़रूर बनना चाहते हैं, है ना?

आशा करता हूँ कि यह बुक समरी आपको जरूर पसंद आयी होगी। ऐसे ही नाॅलिजबल कंटेंट के लिये skillreaders को सब्सक्राइब करें  🙏 धन्यवाद

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